| لذاكَ يفضلُ فيها بعضُها بعضا |
|
|
تجري الأمورُ إلى آجالِها ركضاً |
| |
| ولا يخصُّ به نفْلاً ولا فرضا |
|
|
هذي عمومٌ يعمّ الكونَ أجمعهُ |
| |
| إلا الذي يقرضُ الله به قرضا |
|
|
لا يعرفُ الذوقَ في ضيق وفي سعة |
| |
| منه ومن نفسه قد يسكن العرضا |
|
|
لذاكَ يسكنُ في طولِ الجنانِ بهِ |
| |
| من صير الماء ناراً والهوا أرضا |
|
|
لا يبلغ المجد في دنيا وآخرة |
| |
| |
|
|
|
| |